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6 प्रकरण में कार्रवाई, लेकिन सैकड़ों ईंट भट्ठे बेखौफ… अवैध उत्खनन पर खनिज विभाग के दावे सवालों में

कवर्धा। जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आ रहा है। खनिज विभाग जहां सीमित कार्रवाई को “सख्ती” बता रहा है, वहीं हकीकत यह है कि जिले में बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां बेखौफ जारी हैं।

विभागीय जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में अवैध उत्खनन के सिर्फ 4 प्रकरण और अवैध ईंट/मिट्टी परिवहन के 2 प्रकरणों पर कार्रवाई करते हुए कुल 1.24 लाख रुपए का अर्थदंड वसूला गया है। इसके अलावा पंडरिया और कुकदूर क्षेत्र में 15 प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई प्रक्रियाधीन बताई गई है।

जमीनी हकीकत: “हर तरफ भट्ठे, कहीं नहीं कार्रवाई” स्थानीय स्तर पर हालात इससे बिल्कुल अलग नजर आते हैं। कवर्धा शहर और आसपास के करीब 10 किलोमीटर के दायरे में सैकड़ों ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। सूत्रों और स्थानीय लोगों का दावा है कि इनमें से किसी के पास किसी प्रकार का वैध लाइसेंस नहीं है।

खुलेआम मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा है, ईंट निर्माण धड़ल्ले से जारी है और बिना रोक-टोक परिवहन भी हो रहा है। इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर गिने-चुने प्रकरण दर्ज होना कई सवाल खड़े कर रहा है।

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सवालों के घेरे में निगरानी व्यवस्था यदि खनिज विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी का दावा सही है, तो इतने बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन और परिवहन कैसे जारी है? क्या विभाग को यह गतिविधियां दिखाई नहीं दे रहीं या फिर कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित है?

कार्रवाई या औपचारिकता? पूरे साल में महज 6 मामलों में कार्रवाई और उस पर भी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सख्ती का दावा करना, व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है।

जिले में जिस पैमाने पर अवैध ईंट भट्ठों का संचालन हो रहा है, उसे देखते हुए विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रभावी कार्रवाई के लिए जमीनी स्तर पर सख्त निगरानी और व्यापक अभियान की जरूरत है।

फिलहाल, प्रशासनिक दावे और वास्तविक स्थिति के बीच का अंतर ही सबसे बड़ा सवाल बनकर सामने है।

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रुपेश चन्द्रवंशी

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लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication) डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस दौरान प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और वेब मीडिया में पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है।

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